देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास रहने वाले रेल यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद खास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'अमृत भारत स्टेशन पुनर्विकास योजना' के तहत विश्वस्तरीय तर्ज पर विकसित किए गए हर्रावाला रेलवे स्टेशन का वर्चुअल माध्यम से भव्य उद्घाटन करेंगे। दोपहर 2:15 बजे हर्रावाला स्टेशन परिसर में आयोजित होने वाले इस मुख्य समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे। इस ऐतिहासिक उद्घाटन को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन अब यात्रियों के स्वागत के लिए सज-धज कर तैयार है।
अमृत भारत योजना के तहत हर्रावाला रेलवे स्टेशन का ढांचागत कायाकल्प कुछ इस तरह किया गया है कि यहां आने वाले यात्रियों को किसी बड़े एयरपोर्ट जैसा आधुनिक अहसास होगा। स्टेशन पर विकसित की गई प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं। यात्रियों के बैठने के लिए बेहद आरामदायक और वातानुकूलित प्रतीक्षालय तैयार किए गए हैं। सामान्य टिकटों के अलावा अब यात्रियों को नई रिजर्वेशन खिड़की की भी सुविधा मिलेगी। दिव्यांग यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए स्टेशन पर विशेष रैंप, समर्पित टिकट काउंटर और अनुकूल प्रसाधन बनाए गए हैं। वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्पेस, आधुनिक पूछताछ केंद्र और यात्रियों के लिए बेहतरीन जलपान गृह (फूड कोर्ट) स्थापित किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन भवन में लगभग 15 सर्वसुविधायुक्त कमरों का निर्माण किया गया है। हर्रावाला रेलवे स्टेशन मुख्य देहरादून रेलवे स्टेशन से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वर्तमान में क्षेत्र के अधिकांश यात्रियों को ट्रेन पकड़ने या उतरने के लिए देहरादून मुख्य स्टेशन जाना पड़ता है। इससे न केवल यात्रियों का समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि देहरादून शहर के भीतर भी वाहनों का दबाव और ट्रैफिक जाम की समस्या काफी बढ़ जाती है। हर्रावाला स्टेशन के पूर्ण रूप से चालू होने और सुविधाओं के विस्तार के बाद आसपास रहने वाली लगभग एक लाख की स्थानीय आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा। यात्रियों के समय, ईंधन और धन की भारी बचत होगी। वर्तमान में देहरादून रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 16 ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें से केवल तीन ट्रेनें ही दो-दो मिनट के ठहराव के साथ हर्रावाला स्टेशन पर रुकती हैं। इस वजह से वर्तमान में इस स्टेशन से रोजाना केवल 80 से 90 सामान्य टिकटों की ही बिक्री होती है, जिससे लगभग 5,000 रुपये का दैनिक राजस्व मिलता है। यहां काउंटर से केवल सामान्य श्रेणी के टिकट ही मिलते थे। स्टेशन अधीक्षक गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि फिलहाल यहां केवल एक प्लेटफॉर्म चालू है। हालांकि, क्षेत्र की तेजी से बढ़ती आबादी और इस भव्य पुनर्विकास के बाद अब यहां भविष्य में अधिक ट्रेनों के ठहराव की संभावनाएं बेहद प्रबल हो गई हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लंबे समय से यहां अधिक एक्सप्रेस ट्रेनों को रोकने की मांग कर रहे हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस चमचमाते स्टेशन का पूरा लाभ उठाने के लिए रेलवे प्रशासन यहां और कितनी नई ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करता है।

