जॉली ग्रांट एयरपोर्ट का कायाकल्प डिजिटल रूप से सशक्त भारत के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दृष्टिकोण की सफलता को उजागर करता है

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देहरादून। देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (दून एयरपोर्ट) पर आज से डिजी यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने राजकोट एयरपोर्ट से वर्चुअल रूप से इस सुविधा का शुभारंभ किया। डिजी यात्रा के तहत अब यात्रियों को बोर्डिंग पास, आईडी प्रूफ और अन्य कागजात दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्री को बस अपना मोबाइल फोन एप डाउनलोड करना होगा। इसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर और यात्रा संबंधी डेटा भरने के बाद डिजी गेट पर चेहरा दिखाते ही ऑटोमैटिक एंट्री मिल जाएगी। इससे समय की काफी बचत होगी और यात्रा प्रक्रिया तेज तथा आसान हो जाएगी।

केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि डिजी यात्रा पेपरलेस यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे एयरपोर्ट पर लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और यात्री सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकेंगे। देशभर के कुल आठ एयरपोर्ट्स पर आज से डिजी यात्रा शुरू की गई है। वर्चुअल कार्यक्रम में देश के 57 एयरपोर्ट्स जुड़े, जहां विभिन्न नई सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया। दून एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा के अलावा तीन अन्य नई सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। इनमें फ्लाईब्रेरी, फ्री वाई-फाई और बच्चों के लिए किड्स जोन शामिल हैं। इन सुविधाओं से यात्री अब एयरपोर्ट पर बेहतर अनुभव का आनंद ले सकेंगे। डिजी यात्रा सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री को सुरक्षा जांच और बोर्डिंग के समय बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं रहेगी। चेहरा पहचान प्रणाली के जरिए ही पूरा प्रोसेस पूरा हो जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि दून एयरपोर्ट पर यह सुविधा शुरू होने से उत्तराखंड आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को रोजाना लाभ मिलेगा। खासकर पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी। डिजी यात्रा भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एयरपोर्ट अनुभव को पूरी तरह डिजिटल और यात्री-अनुकूल बनाना है।