देहरादून हिरासत मौत: न्यायिक जांच से सामने आ सकते हैं तथ्य

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देहरादून। राजधानी देहरादून में पुलिस हिरासत में पीआरडी जवान की संदिग्ध मौत के मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। मामला रायपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी को शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। जानकारी के मुताबिक 112 पर लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सुनील रतूड़ी को थाने ले आई। इसके बाद उन्हें हवालात में बंद कर दिया गया। पुलिस के अनुसार कुछ समय बाद जब हवालात की जांच की गई तो सुनील रतूड़ी बेहोशी की हालत में पाए गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि जवान ने हवालात में मौजूद चादर से फंदा बनाकर आत्महत्या की। हालांकि इस मामले में नया मोड़ तब आया जब विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन साथ ही विसरा को सुरक्षित रखते हुए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। मृतक के परिजनों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि थाने के अंदर इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एसएचओ समेत चार पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं, जिससे सच्चाई सामने लाई जा सके। अब सबकी निगाहें इस जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है।