उत्तराखंड के चम्पावत जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा संचालित गैस एजेंसी के प्रबंधक ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। रविवार रात प्रबंधक द्वारा विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा संचालित चंपावत इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक 55 वर्षीय दयाल शरण रावत ने रविवार रात काम के दबाव में तनावग्रस्त होकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। उन्हें अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस के अनुसार, रविवार रात दयाल रावत ने अज्ञात कारणों से विष पी लिया। पड़ोसियों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की, लेकिन उनके निवास पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दयाल रावत पिछले कई दिनों से काम के भारी दबाव और डिप्रेशन में थे। गैस एजेंसी के प्रबंधक के रूप में उन्हें सिलेंडर वितरण, कस्टमर शिकायतों और लक्ष्य पूरा करने का लगातार दबाव झेलना पड़ रहा था। कुछ लोगों का कहना है कि गैस वितरण के बढ़ते दबाव और काम की तनावपूर्ण स्थिति ने उन्हें इस कदम तक पहुंचा दिया।
कुमाऊं मंडल विकास निगम की चंपावत गैस एजेंसी क्षेत्र के हजारों परिवारों को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराती है। प्रबंधक की अचानक मौत से एजेंसी के कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में काम के दबाव को मुख्य वजह बताया है, लेकिन सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस अब मृतक के परिजनों, सहकर्मियों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है। यह घटना एक बार फिर सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों में काम के दबाव, मानसिक स्वास्थ्य और कर्मचारियों की देखभाल के मुद्दे को सामने ला रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील पदों पर तैनात कर्मचारियों के लिए नियमित काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी है। परिजनों में शोक का माहौल है। दयाल रावत अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। स्थानीय लोग पुलिस से जल्द से जल्द सही कारणों का पता लगाने और परिवार को उचित सहायता देने की मांग कर रहे हैं।

