देहरादून। उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया गया। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रमुख सचिव नियोजन डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने सर्वेक्षण के प्रमुख आंकड़े साझा करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में लगभग डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, स्टार्टअप और ऊर्जा उत्पादन जैसे कई क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रगति हुई है। प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जीएसडीपी का आकार लगभग 2.54 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर अब 3.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह वृद्धि राज्य की आर्थिक गतिविधियों में आए विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों में हुए निवेश का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और योजनाओं के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2022 में जहां प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 94 हजार रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 2 लाख 73 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ ही गरीबी के स्तर में भी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में राज्य का गरीबी सूचकांक 9.7 प्रतिशत था, जो अब घटकर 6.92 प्रतिशत रह गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य में आर्थिक विकास का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है। उद्योग क्षेत्र की बात करें तो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सेक्टर में भी अच्छी प्रगति देखने को मिली है। वर्ष 2022 में राज्य में लगभग 59 हजार एमएसएमई इकाइयां थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 79 हजार से अधिक हो गई है। इन उद्योगों के माध्यम से लगभग साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है, जो राज्य में रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। प्रमुख सचिव ने बताया कि बड़े उद्योगों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में राज्य में 107 बड़े उद्योग कार्यरत थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 128 हो गई है। इसके अलावा स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 में राज्य में कोई भी स्टार्टअप पंजीकृत नहीं था, जबकि वर्ष 2022 तक 702 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हो चुके थे। अब यह संख्या बढ़कर 1750 तक पहुंच गई है, जो राज्य में उद्यमिता के बढ़ते माहौल को दर्शाती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पिछले चार वर्षों में राज्य में 885 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। ऊर्जा क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में सोलर पावर से 439 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था, जो अब बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है। कृषि और पशुपालन क्षेत्र में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। चावल, दूध और मछली उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की जीएसडीपी में सबसे अधिक योगदान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का है, जिसका हिस्सा 26.02 प्रतिशत है। प्रमुख सचिव ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण राज्य की विकास यात्रा को दर्शाता है और आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाएगी।

