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यात्री सुरक्षा हेतु 17 जोन में बंटा मार्ग: केदारनाथ पुलिस ने तैयार किया अभेद्य सुरक्षा चक्र

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा को इस बार अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने घोषणा की है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को लंबी लाइनों से निजात दिलाने के लिए 'मजबूत टोकन व्यवस्था' लागू की जाएगी। इसके साथ ही, मंदिर परिसर के पास मोबाइल रखने के लिए लॉकर और जूतों के लिए विशेष थैलियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि दर्शन के दौरान यात्रियों को असुविधा न हो।

जिला मुख्यालय स्थित जीएमवीएन कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक 4,73,168 श्रद्धालु केदारनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। भारी संख्या को देखते हुए सोनप्रयाग में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका पेश करते हुए बताया कि पूरी यात्रा को तीन सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट तैनात रहेगी। गौरीकुंड हाईवे पर जाम की समस्या से निपटने के लिए शटल सेवा, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान तैयार है। जिले की विभिन्न पार्किंग में लगभग 2,200 वाहनों को खड़ा करने की क्षमता विकसित की गई है।श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि शनिवार, 11 अप्रैल दोपहर 12 बजे से हेली यात्रा का पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा। हेली बुकिंग के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को रोकने के लिए प्रशासन ने अब तक 300 से अधिक फर्जी फेसबुक पेजों और पोर्टलों को प्रतिबंधित कराया है। केदारनाथ पैदल मार्ग और धाम में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सुलभ संस्था और नगर निकायों के माध्यम से लगभग 450 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जा रही है। कूड़ा प्रबंधन और शौचालयों की विशेष निगरानी होगी। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि धाम में अब तक 50 प्रतिशत होटल बुक हो चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ से गौरीकुंड के बीच निर्माण कार्यों को यात्रा शुरू होने से पहले पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके।