जनभागीदारी से मजबूत हो रहा उत्तराखंड का शासन मॉडल

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हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर गाजीवाली, श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ कार्यक्रम में पहुंचकर सीधे जनता से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मैदान में उतरकर काम करेगी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ग्रामों के प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क, पेयजल, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण करने को कहा और स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत मंच है। उन्होंने दो टूक कहा कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाया जा रहा है। संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सरकार का मूल मंत्र बताते हुए उन्होंने अधिकारियों को जनहित को सर्वोपरि रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ माह में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं। यह अभियान समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु भी मजबूत कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से योग्य युवाओं को अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही स्वरोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें। किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों को बेहतर मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसे सामाजिक समरसता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय कहा। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। कार्यक्रम में स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।