मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज पहुँचे। यहाँ उन्होंने विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए प्रदेश एवं राष्ट्र की सुख, समृद्धि और लोक-कल्याण के लिए प्रार्थना की। शांतिकुंज आगमन पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने परिसर स्थित प्रज्ञेश्वर महाकाल मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। आध्यात्मिक वातावरण के बीच उन्होंने कुछ समय ध्यान भी लगाया। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्र के वीर शहीदों की स्मृति में निर्मित 'शौर्य दीवार' पर पहुँचे। यहाँ उन्होंने पुष्प अर्पित कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सीएम ने कहा कि यह शौर्य दीवार हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा और देशभक्ति की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शांतिकुंज और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय केवल संस्थान नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को 'आध्यात्मिक राजधानी' के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे संस्थानों का मार्गदर्शन इस यात्रा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने डॉ. चिन्मय पंड्या के साथ विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और आगामी परियोजनाओं पर भी चर्चा की। इस दौरान शांतिकुंज परिवार के सदस्य, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी और शासन के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।

