उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बंपर भर्ती: 2364 पदों पर नियुक्तियों का रास्ता साफ, 70 हजार युवाओं की अटकी सांसें

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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों में वर्षों से खाली पड़े चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा मंत्री के कड़े निर्देशों के बाद विभाग ने 2364 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए कसरत तेज कर दी है। आउटसोर्स के माध्यम से होने वाली इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन स्क्रूटनी (दस्तावेजों की जांच) में हो रही देरी को देखते हुए अब शासन स्तर से इसे जल्द से जल्द निपटाने को कहा गया है।

उत्तराखंड में बेरोजगारी का आलम यह है कि महज 15 हजार रुपये मासिक मानदेय वाली इन नौकरियों के लिए प्रदेश भर से लगभग 70 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। आंकड़ों का गणित देखें तो एक पद के लिए औसतन 25 से 30 अभ्यर्थी कतार में हैं। भारी संख्या में आए इन आवेदनों की वजह से ही विभाग को स्क्रूटनी करने में पसीने छूट रहे हैं। हालांकि, विभागीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसी भी योग्य युवा के साथ अन्याय न हो। दरअसल, शिक्षा विभाग में लंबे समय से चतुर्थ श्रेणी संवर्ग को 'मृत संवर्ग' घोषित किया गया था, जिसका अर्थ था कि इन पदों पर अब नियमित नियुक्तियां नहीं होंगी। इसका सीधा असर प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों और ब्लॉक स्तर के शिक्षा कार्यालयों पर पड़ा। स्कूलों में सफाई, रिकॉर्ड रूम का रख-रखाव और घंटी बजाने जैसे कार्यों के लिए कोई कर्मचारी नहीं बचा। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि शिक्षकों को ही पढ़ाई छोड़कर ऑफिस के काम और व्यवस्थाएं देखनी पड़ रही थीं। इसी संकट को दूर करने के लिए सरकार ने आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से 'प्रयाग पोर्टल' के जरिए भर्ती का निर्णय लिया। इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें स्थानीयता को महत्व दिया जा रहा है। जिस जिले या ब्लॉक के स्कूल में पद खाली हैं, वहां के स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी। इससे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। अगर जिलावार रिक्त पदों की बात करें तो सबसे ज्यादा पद पौड़ी जिले में खाली हैं। यहां कुल 340 पदों पर भर्ती की जानी है। इसके अलावा टिहरी जिले में 268, अल्मोड़ा में 254, नैनीताल में 208, पिथौरागढ़ में 197, देहरादून में 195 और उधम सिंह नगर में 182 पद रिक्त हैं।  वहीं चमोली जिले में 179, उत्तरकाशी में 135, चंपावत में 120, रुद्रप्रयाग में 106, हरिद्वार में 91 और बागेश्वर जिले में 89 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।  शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दो-टूक कहा है कि दस्तावेजों की जांच और चयन सूची जारी करने में अब और विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय कामकाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे तकनीकी पहलुओं और स्थानीयता के प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई कानूनी विवाद पैदा न हो। आउटसोर्स एजेंसी को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती में मेरिट और नियमों का पूरा पालन हो। पिछले दो महीनों से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी चयन सूची का न आना युवाओं में असमंजस पैदा कर रहा था। अब मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जागी है कि अगले कुछ सप्ताह के भीतर चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी हो सकती है। 15 हजार रुपये के मानदेय पर भी युवाओं का यह उत्साह बताता है कि पहाड़ में रोजगार की कितनी अधिक आवश्यकता है। शिक्षा विभाग में इन 2364 कर्मचारियों के आने से न केवल हजारों परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जर्जर हो रही स्कूल व्यवस्था को भी एक नया 'सहारा' मिल जाएगा। अब सबकी नजरें विभाग की स्क्रूटनी प्रक्रिया पर टिकी हैं कि कब फाइनल लिस्ट जारी होती है।