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विमानन नेटवर्क का कायाकल्प: बड़े विस्तार योजना के तहत प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी से जुड़ेगा देहरादून

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देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के बीच की दूरी अब घंटों की जगह मिनटों में सिमटने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने देहरादून से वाराणसी (काशी), प्रयागराज और अयोध्या के लिए नियमित उड़ान सेवाएं शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने मुख्यमंत्री धामी को पत्र लिखकर इस सुखद निर्णय की जानकारी साझा की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊंचाई देने के लिए इन महत्वपूर्ण हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया था। सीएम का तर्क था कि इन सेवाओं से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि 'आध्यात्मिक पर्यटन' के एक नए युग की शुरुआत होगी। केंद्रीय मंत्री ने पत्र में बताया कि इन तीनों मार्गों के लिए घरेलू एयरलाइंस के साथ योजना साझा कर दी गई है। वर्तमान में जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता और जयपुर सहित 11 बड़े केंद्रों से जुड़ा हुआ है। अभी यहां से प्रति सप्ताह विभिन्न एयरलाइंस की 254 उड़ानें संचालित हो रही हैं। अयोध्या और वाराणसी जैसे शहरों के जुड़ने से यह संख्या और बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि सीधी उड़ान शुरू होने से रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं और बाबा विश्वनाथ की नगरी जाने वाले तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में विमानन क्षेत्र को नियंत्रणमुक्त किया गया है, जिससे एयरलाइंस वाणिज्यिक आधार पर नए मार्गों का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं। अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज के लिए उड़ानों का संचालन शुरू होने से न केवल उत्तराखंड के लोगों को सुविधा होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में पर्यटक चारधाम यात्रा के लिए सीधे उत्तराखंड पहुंच सकेंगे। इससे राज्य के राजस्व और स्थानीय रोजगार में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।