नैंसी के पास फ्रांस विमान हादसे में 11 लोगों की मौत

Blog
 Image

नई दिल्ली। रविवार का दिन दुनिया के दो देशों के लिए बेहद दुखद साबित हुआ। फ्रांस और सऊदी अरब में कुछ घंटों के अंतराल पर हुए दो अलग-अलग विमान हादसों में कुल 25 लोगों की जान चली गई। दोनों दुर्घटनाओं ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल दोनों देशों की जांच एजेंसियां हादसों के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। फ्रांस के नैंसी शहर के पास स्थित टॉम्बलेन इलाके में रविवार को एक सिविलियन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान स्काईडाइविंग के लिए लोगों को लेकर उड़ान भर रहा था। स्थानीय समयानुसार करीब 11 बजे हुए इस हादसे में विमान में सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार मृतकों में एक पायलट, पांच प्रशिक्षु (ट्रेनी) स्काईडाइवर और पांच प्रशिक्षक (ट्रेनर) शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए तथा पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती चरण में विमान में विस्फोट की आशंका जताई गई थी। एहतियात के तौर पर साल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट के आसपास का क्षेत्र खाली करा दिया गया और लोगों से दुर्घटनास्थल से दूर रहने की अपील की गई। फ्रांस के गृह मंत्री भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं जांच कार्यों का जायजा लिया। फिलहाल अधिकारियों ने हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं किया है और विस्तृत जांच जारी है।

सऊदी अरब में अरामको का हेलिकॉप्टर भी हुआ क्रैश
इसी दिन सऊदी अरब से भी एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। देश की सरकारी तेल कंपनी अरामको का एक हेलिकॉप्टर रस तनुरा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार हेलिकॉप्टर रविवार सुबह करीब छह बजे स्थानीय समयानुसार क्रैश हुआ। ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 14 लोग सऊदी नागरिक थे। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर तकनीकी जांच कर रही है। हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।

विमानन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
एक ही दिन में दो देशों में हुए इन बड़े विमान हादसों ने विमानन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। दोनों मामलों में जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दुर्घटनाएं तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या किसी अन्य कारण से हुईं। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों हादसों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल फ्रांस और सऊदी अरब में मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया जा रहा है और सरकारों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।