ऋषिकेश गंगा घाट पर सुरक्षा और मुस्तैदी की मिसाल, डूबते हुए यात्री को जवानों ने सुरक्षित निकाला

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ऋषिकेश। ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ हाथी पुल के पास गंगा की तेज लहरों और भारी बहाव की चपेट में आने से एक युवक नदी के बीचों-बीच फंस गया। गनीमत यह रही कि घाट पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम मुस्तैद थी, जिसने तत्परता दिखाते हुए युवक को डूबने से ठीक पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार,देहरादून निवासी शत्रुघ्न (पुत्र संतोष कुमार) ऋषिकेश में गंगा स्नान के लिए आया था। मुख्य धारा के तेज बहाव का अंदाजा न होने के कारण वह गहरे पानी की ओर चला गया। पानी का वेग इतना अधिक था कि वह खुद को संभाल नहीं पाया और बहते हुए सीधे हाथी पुल के नीचे पहुंच गया। इस दौरान उसने सूझबूझ दिखाई और पुल के नीचे सुरक्षा के लिए लगी लोहे की जंजीरों को कसकर पकड़ लिया। युवक को तेज लहरों के बीच जंजीर से लटके देख घाट पर चीख-पुकार मच गई। खतरे को भांपते ही मौके पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने लाइफ जैकेट और रस्सियों के सहारे उफनती नदी में छलांग लगाई और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सकुशल खींच निकाला। इस सफल रेस्क्यू के बाद स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ टीम ने चारधाम यात्रा और पर्यटन के लिए आ रहे श्रद्धालुओं से एक बार फिर कड़ी अपील की है। केवल उन्हीं घाटों पर स्नान करें जहाँ सुरक्षा घेरा और जंजीरें दुरुस्त हों। पहाड़ों पर पिघलती बर्फ के कारण इस मौसम में गंगा का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ जाता है, इसलिए कतई जोखिम न लें। युवक को सुरक्षित पाकर उसके परिजनों ने एसडीआरएफ की टीम का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया है।